Chuu le aashmaan zamin ki talaash na kar

छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर.

Aashmaa mai matt dhund apne sapno ko

आसमां में मत दूंढ अपने सपनो को,
सपनो के लिए तो ज़मी जरूरी है,
सब कुछ मिल जाए तो जीने का क्या मज़ा,
जीने के लिये एक कमी भी जरूरी है

Kaash fir wo milne ki wajah mil jaaye

काश फिर वो मिलने कि वजह मिल जाएँ,
साथ वो बिताया वो पल मिल जाये,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता खाव्बों मैं गुजरा हुआ कल मिल जाएँ..

Mashoor hona par magrur naa hona

मशहूर होना पर मगरुर ना होना,
कामयाबी से नशे मे चूर ना होना,
मिल जाए सारी। कायनात आपको अगर,
इसके लिए अपनो से कभी दूर मत होना।..

Aarzoo honi chahiye kisi ko yaad karne ki

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हें तो अपने आप मिल जाते हैं;
कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को,
याद वही आते हैं जो उड़ जाते हैं

Jisme yaad naa aaye wo tanhai kis kaam ki

 जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की,
बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की,
बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है,
पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की

Sirf ishaaro mai hoti mohabbat agar

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता?
बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता..

Khuli Aankho se tha ik khawab dekha

खुली आँखों से था इक ख्वाब देखा
जो मेरा नही था।।
आज तक भी वो शख्स
मेरे दिल में है।।जो उस वक़्त भी मेरा नही था।।

Fir na simategi ye mohabbat jo bikhar jaayegi

फिर न सिमटेगी ये मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िन्दगी ज़ुल्फ़ नहीं जो खुल के संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ज़िंदगी फिर न मिलेगी जो गुज़र जायेगी...!!!

Shayari padhte padhte khud likhna bhul gaye

शायरी पढ़ते पढ़ते खुद लिखना सीख गये,
जीते जीते किसी और के लिए जीना सीख गए,
आँखों आँखों में भी बातें होती है,
आज कल उन बातों को भी पढ़ना सीख गए...